उत्तराखंड – देवभूमि, जहाँ हर पहाड़, हर घाटी और हर नदी अपने भीतर एक कहानी समेटे हुए है। अगर आप इन पहाड़ों की गूंज और इनके रहस्य जानना चाहते हैं, तो आइए एक यात्रा करें हिमालय की ओर…
उत्तराखंड का लगभग 86% भाग पहाड़ी क्षेत्र है।
यहाँ हिमालय की तीन प्रमुख श्रेणियाँ फैली हुई हैं – हिमाद्रि (महान हिमालय), लघु हिमालय, और शिवालिक (पर्वतमाला की तलहटी)।
ऊपर की ओर बर्फ से ढके विशाल शिखर और नीचे की ओर हरियाली से भरी घाटियाँ और नदियाँ इसकी पहचान हैं।
🏔 उत्तराखंड के कुछ प्रमुख शिखर
1. नंदा देवी (7,816 मीटर) – उत्तराखंड का सबसे ऊँचा और भारत का प्रसिद्ध पर्वत शिखर।
2. कामेत (7,756 मीटर) – दूसरा सबसे ऊँचा शिखर, जिसे पर्वतारोहण के लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
3. त्रिशूल (7,120 मीटर) – तीन शिखरों का समूह, जो भगवान शिव के त्रिशूल का प्रतीक लगता है।
4. नीलकंठ (6,596 मीटर) – बद्रीनाथ धाम के पास स्थित, जो अपनी अद्भुत आकृति से श्रद्धा जगाता है।
5. भागीरथी पर्वत (6,856 मीटर) – गंगोत्री क्षेत्र का प्रमुख पर्वत।
6. मुकुट पर्वत (7,242 मीटर) – चमोली क्षेत्र में स्थित और कठिन ट्रेकिंग मार्गों के लिए प्रसिद्ध।
🔍 पहाड़ों का वैज्ञानिक दृष्टिकोण
उत्तराखंड में कई हिमनद (Glaciers) हैं, जैसे गंगोत्री हिमनद, जो गंगा नदी का उद्गम स्थल है।
यहाँ का नंदा देवी जैवमंडल क्षेत्र (Biosphere Reserve) विश्व धरोहर स्थल है, जहाँ विविध वनस्पतियाँ और जीव-जंतु पाए जाते हैं।
ये पर्वत केवल भौगोलिक संरचनाएँ नहीं, बल्कि जीवनदायिनी जल स्रोत और प्राकृतिक संतुलन के रक्षक भी हैं।
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